स्याळा को ब्यो




घाम पाणि घाम पाणि 
स्याळा कू ब्यो 
बाघ दादा ढोल बजौ 
घाम पाणि घाम पाणि 
स्याळा कू ब्यो 

स्यलंणि दीदी डोला सजौ 
तू बि ओ, तू बि ओ 
रिक्ख दादा, स्याळा को ब्यौ
तू बि ओ, तू बि ओ